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DNS Kya Hai Aur Domain Name System Kaise Work Karta Hai?

What is Domain Name System (DNS) in hindiHello Gyanians, अगर आप ये जानना चाहते है की Domain Name क्या है और Domain Name System (DNS) क्या है, तो इस post को ध्यानपूर्वक अंत तक जरुर पढ़ें क्योंकि इस post में आपको Internet की Backbone यानी DNS के साथ-साथ और भी बहुत कुछ नया सिखने को मिलेगा.

पूरी दुनिया में हर रोज अरबों लोग Internet use करते हैं. वो लोग इन्टरनेट चलाने के लिए सिर्फ अपने browser के address bar में domain name type करते है और फिर सब कुछ उनके browser पर आ जाता हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है की ये सब कैसे होता है. आखिर domain name होता क्या है और इसके अलावा DNS और domain name का क्या relation है?

इन्ही सब सवालों का जावाब आपको इस post में मिल जाएगा और इसके साथ-साथ आपको Internet कैसे काम करता है ये concept भी clear हो जायेगा.

 

Domain Name क्या होता है?

Internet पर करोड़ों websites है और उन सबका एक unique name होता है जिसे हम Domain Name कहते हैं और उसी domain name से users उन websites को access करता हैं. रोज हजारो domain name register होते हैं इसलिए ये बहुत important हो जाता है की सभी domain name unique हो यानी किसी भी domain name एक साथ 2 bar register न किया जा सकें.

इसलिए दुनिया के सभी domain name के records को ICANN (Internet Corporation of Assigned Names and Number) के द्वारा manage किया जाता हैं. ICANN एक nonprofit organization है जिसका headquartered Southern California (US) में मौजूद हैं.

ICANN के दुवारा ही बहुत सी companies (registrars) को domain name sell करने के लिए reauthorized किया जाता है जिनसे हम लोग domain name purchase करते है जैसे की Godaddy, Bigrock इत्यादि. Domain registrars आपके domain name को ICANN के साथ manage करने के बदले आप से yearly कुछ पैसा charge करती हैं.

 

 

Top Level Domain Name and Nameserver क्या होता है?

जैसा की मैंने आपको बताया Internet पर मौजूद सभी websites का unique name जिनका use करके हम उन website को access करते हैं उसे domain name कहते हैं. हर domain name की 2 main parts होते है पहले part को हम name या domain name भी कह सकते हैं जैसे मेरे domain name में Gyanians और दुसरे parts को हम domain extension या top level domain name कहते हैं जैसे की मेरे domain name में .com हैं.

इसके अलावा और भी top level domain name होते है जैसे की .com, .net, .org, .in, .info इत्यादि. New top-level domains create करने का काम और current top-level domains को maintain करने का काम भी ICANN के Top-Level Domain Name Server दुवारा किया जाता हैं.

 

Domain Name System (DNS) की जरूरत क्यों होती हैं?

मुझे उम्मीद है की अब आप अच्छे से समझ गये होंगे की domain name क्या होता है और कैसे आपको एक unique domain name provide किया जाता है. अब हम बात करंगे DNS की जिसे हम Domain Name System और Domain Name Service भी कहते हैं.

जैसा की आपको पता है Internet पर सभी websites किसी न किसी servers पर host की जाती हैं और किसी भी Internet users (clients) को आपकी website access करने के लिए पहले उस server तक पहुंचना होता है जहाँ आपकी website host की गयी हैं.

लेकिन इसमें problem ये है की Server को domain name से नही IP Address की through access किया जाता हैं, यानी यदि आप दुनिया के किसी भी server से connect होना चाहते हो तो पहले आपको उसका IP Address पता होना चाइये. जैसे की आप अपने किसी दोस्त के घर उसके सिर्फ name (like domain name) पता होने से नही पहुँच सकते उसके लिए आपको उसके घर का address (like IP address) पता होना चाइये.

IP address कुछ इस तरह का होता है 125.63.201.20  इसलिए हर website का IP याद रखना बहुत मुस्किल होता है इसलिए हम websites IP Addresses की जगह Domain Names का use करते हैं, लेकिन जैसा की मैंने आपको बताया की Servers तक पहुँचने के लिए हमे IP Address की जरूरत होती है न की domain name की.

Domain Name System एक ऐसा networking system है जिसकी वजह से हमे IP Addresses याद रखने की जरूरत नही होती हैं क्योंकि DNS किसी भी Domain Name को IP Address में और इसी तरह IP Address को Domain Name में change कर देता है. आइये अब Domain Name System को विस्तार से समझते हैं.

 

Domain Name System (DNS) क्या होता है और ये कैसे काम करता है?

जैसे हमारे mobile में phone book (contact list) होती है जिसमे हम सबका Number उनके name के साथ save करते है ठीख इसी तरह Domain Name System सभी Domain Name के साथ उनका hosting server IP Address और other settings को store रखता है.

इसका ये भी फायदा होता है की आपको जब भी अपना hosting server change करना होता है आप अपने domain की DNS settings में new hosting server का IP add कर देते हो.

जब भी आप किसी भी web को access करते हो like gyanians.com तो आपका computer human readable domain name को machine readable IP address में बदलने के लिए कुछ steps को follow करता हैं. नीचें में सभी steps को one by one explain किया है.

Step 1:  जब भी आप किसी web को access करने के लिए उसका domain name अपने browser में enter करते हो तो सबसे पहले आपका browser अपनी local cache memory में उस domain का DNS records check करता है. अगर आपने recently उस domain को access किया होगा तो local cache memory में DNS records मिल जायेगा otherwise नही.

Step 2: अगर DNS records आपके local cache memory में नही मिलता तो आपका browser आपके ISP’s recursive DNS servers को DNS records की request send (DNS query) करता है. ज्यादातर ऐसा होता है की Recursive DNS Servers के cache memory में DNS records मिल जाता है और records users को वापस send कर दी जाती है.

Step 3: यदि ISP’s recursive DNS servers पर भी DNS records नही मिलते तो वो आपके DNS records की request को Root nameservers को send करता है. Root Nameservers उस domain name में से  top level domain name (our case .com) को निकाल कर उसके Top-Level Domain Name Server को send कर देता जहाँ पर सभी domain name with nameservers ip के साथ मोजूद होते है.

Step 4: जब आप किसी domain registrar से domain name buy करते हो तो उसी के साथ आपको Nameserver settings भी मिलती हैं जिसे आप कभी भी change कर सकते हो. Nameserver की जरिये ही ये पता चलता है की आपको DNS (Domain Name System) कौन provide कर रहा हैं.

इस तरह उस server पर जाकर आपके web का IP address मिल जाता है जिसे recursive servers पर cache memory में store कर लिया जाता है और ये सभी records एक expiration date के साथ save होते हैं जिससे की सभी records update रहें.

Last में वो IP आपके computer के browser पर send कर दिया जाता है और फिर वो उस IP के server पर connect होकर आपको web page show कर देता हैं और इस पूरी process में सिर्फ कुछ milliseconds लगते हैं.

 

 

Funny Confusion: जब में ये post लिख रहा था तो मुझे एक Confusion हुआ की Domain Name System की help से हम उस server तक पहुँच गये जहाँ पर हमारी website host है लेकिन उस server पर तो और भी website होंगी तो server को कैसे पता चलेगा की उसे किस website का response send करना है?

Answer: इसका answer जानने के लिए मैंने बहुत देर तक google किया और कुछ हासिल नही हुआ और फिर मैंने अपने Computer Teacher (Mr. Anchal Bhargava) से contact किया जिन्होंने मुझे practical live server पर मुझे इसका answer समझाया और मेरा ये little confusion दूर कर दिया, इसके लिए उन्हें thank u so much sir.

जैसा की मैंने आपको बताया ये answer मुझे live देखने पर समझ आया लेकिन फिर भी मैं short में आपको यहाँ समझाने के कोशिश कर रहा हूँ जिससे की शायद आपको ये confusion ना हो. मैंने इसे apache web server पर practically सिखा, जिसमे मैंने देखा की जब भी किसी new site को server पर host किया जाता है तो सबसे पहले उस server में www folder के अंदर उस website का folder create किया जाता है जैसे example.com

उस website की सभी files को इसी location पर store किया जाता है. उसके बाद उस domain की एक .conf file create की जाती है जैसे की example.com.conf जिसमे उस domain के बारे में कुछ information को code किया जाता है जैसे की domain name, domain admin, domain root location इत्यादि.

उसके बाद उस domain को enable कर दिया जाता है. अब जब भी कोई domain name request उस server पर आती है तो server पर सबसे पहले उस domain को enable list में check किया जाता और फिर उसकी .conf file के जरिये उसके root folder (public_html) में request send कर दी जाती है और फिर users को उस website का response वापस भेज दिया जाता है.

 

Hello Gyanians, आशा करता हूँ की आपको ये “DNS Kya Hai Aur Domain Name System Kaise Work Karta Hai?” post पसंद आई होगी. अगर आपको इस post से related कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे comment करें और इस post को अपने दोस्तों के साथ जरुर share करें.

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About the Author

Hello gyanians, मेरा नाम Neeraj Parmar (Neel) है और में India की Taj City (Agra) में रहता हूँ. मैंने computer science से engineering की है. By Profession मैं computer science teacher और web developer हूँ और इसके साथ-साथ ही मैं part time blogging भी करता हूँ.

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10 Comments

10 responses to “DNS Kya Hai Aur Domain Name System Kaise Work Karta Hai?”

  1. आप बहुत अच्छा लिखते है हेल्पफु टॉपिक लाते है आपका बहुत बहुत शुक्रिया . इस पोस्ट से हमें बहुत कुछ सिखा और जाना . जय हो ज्ञानी बाबा की

    • मुझे ये पढ़कर बहुत ख़ुशी हुई की ये post आपको पसंद आई, हमारे blog पर आते रहिये और कुछ नया सीखते रहिये .. जय हो ज्ञानी बाबा की 🙂

  2. Muneer Shaikh says:

    bahut hi badhiya jankari about dns thank you neel ji

  3. vandana says:

    Thank you sir i understood everything ☺

  4. neeraj parmar ji ek achachhe bloger hai , aap achachee post share karte hai, kya aap auro ke liye bhi blog likhte hai,

  5. Rafat khan says:

    Kya baat hai sir aapne bahut achche se dns ke baare mai cheeze clear thank you very much

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